नहीं, BHEL मोबाइल बनाता ही नहीं,राहुल गाँधी गलती कर गए

राहुल गाँधी ने 10 अगस्त 2018 को छत्तीसगड़ में भाषण दिया, भाषण में राहुल गाँधी ने कहा, "ये जो मोबाइल है, ये इन्होने bhel से क्यों नहीं खरीदा| ये बात आप मुझे समझाइये ये इन्होने bhel से क्यों नहीं खरीदा.... भैया बात समझिये, उस तरफ राफेल घोटाला और इस तरफ सेलफोन घोटाला..."
नहीं, BHEL मोबाइल बनाता ही नहीं,राहुल गाँधी गलती कर गए

छत्तीसगड़ सरकार की तरफ से मोबाइल फ़ोन दिए जाने वाली योजना को घोटाला कहते हुए राहुल गाँधी छत्तीसगड़ सरकार पर निशाना साधने की कोशिस कर रहे थे और ये बयान दिया, वैसे राहुल गाँधी का ये बयान आप भी देखिये|



ये बात कहते हुए राहुल गाँधी ने लोगो से जवाब माँगा मगर लोग जवाब कैसे देते वो तो राहुल गाँधी पर मन ही मन हँस रहे होंगे और इसका असर जल्द ही सोशल मीडिया पर दिखा जब लोगो ने राहुल गाँधी का मजाक बनाया| चलिए जानते है आखिर क्यों इस बात पर राहुल गाँधी का मजाक बन गया|

सोशल मीडिया पर मजाक

इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर राहुल गाँधी का मजाक बनाया गया संबित पात्रा ने ट्वीट किया- 

ये मोबाइल मोदी जी ने भेल से क्यों नहीं ख़रीदा?" ... यह एक राजनेता की समझ है जो हमारे प्रधान मंत्री बनना चाहता है ?? एक बेहद "विद्युतीकरण" भाषण .. सुनने के बाद "भारी" महसूस कर रहा हूँ  .. वास्तव में "भारत" में ऐसे परिपक्व राजनेताओं का "सीमित" संस्करण है !!

(ये mobile Modi ji ने BHEL से क्यों नहीं ख़रीदा?” ...This is the understanding of a Politician who wants to be our PM ?? An extremely “Electrifying” speech ..feeling “Heavy” after hearing it ..indeed “Bharat” has “Limited” edition of such Matured Politicians!!)


नहीं BHEL मोबाइल नहीं बनाता 

अगर आप भी भेल के बारे में नहीं जानते हैं तो आपको बता दूँ की BHEL का मतलब "भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड" है और इस कम्पनी का मोबाइल से कोई लेना देना नहीं है|

हालाँकि राहुल गाँधी के बयान के बाद हमने फिर से BHEL की सेवाओं की लिस्ट देखी लेकिन उसमे हमेशा की तरह इस बार भी मोबाइल बनाने का कोई सूत्र नहीं मिला|



BHEL सरकार की कंपनी है जो 1964 में स्थापित की गयी थी और सबसे मजेदार बात ये है की उस वक्त भारत में कांग्रेस का शासन था फिर भी राहुल गाँधी को BHEL के बारे में इतनी कमजोर जानकारी क्यों है ?